, Sept. 21 -- श्री सिंह ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि करीब 50 वर्ष पहले गांव सामाजिक समरसता के मजबूत केंद्र हुआ करते थे। लोग एक-दूसरे के घरों में होने वाले विवाह और अन्य आयोजनों को सामूहिक जिम्मेदारी समझकर उसमें भाग लेते थे। उन्होंने कहा कि उस समावेशी सामाजिक व्यवस्था को फिर से मजबूत करने की जरूरत है।
मंत्री ने कहा कि गांव विकसित होंगे तो शहरों पर बढ़ता दबाव कम होगा। अभी रोजगार, शिक्षा और बेहतर सुविधाओं की तलाश में लोग गांवों से शहरों की ओर पलायन करते हैं। यदि गांवों में बेहतर सुविधाएं, रोजगार और जीवन के अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध होंगी तो लोग शहरों से गांवों की ओर लौटकर वहां बसेंगे।
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