भोपाल , मई 21 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग कॉलेज में कथित अवैध कब्जे, छात्राओं की मानसिक प्रताड़ना और शैक्षणिक अव्यवस्थाओं को लेकर एनएसयूआई ने राज्य सरकार और चिकित्सा शिक्षा विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, आयुक्त तथा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय स्वशासी समिति के अधिष्ठाता एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नर्सिंग कॉलेज भवन में नोडल अधिकारी और विभागाध्यक्ष (एचओडी) एमएसएम के लिए निर्धारित दो कक्षों पर प्रभारी प्रोफेसर एवं स्टाफ नर्स रजनी नायर द्वारा लंबे समय से कथित रूप से अवैध कब्जा किया गया है। इन कक्षों का उपयोग शैक्षणिक गतिविधियों के बजाय निजी उपयोग के लिए किए जाने से कॉलेज में कक्षाओं के संचालन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

एनएसयूआई के अनुसार स्थिति यह है कि पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष की कक्षाएं कॉलेज भवन के बजाय छात्रावास के मनोरंजन कक्ष में संचालित की जा रही हैं। छात्राओं का कहना है कि मनोरंजन कक्ष अध्ययन के लिए उपयुक्त नहीं है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि शिकायत करने वाली छात्राओं को आंतरिक परीक्षाओं में नुकसान पहुंचाने, फेल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की धमकियां दी जा रही हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि इस संबंध में पूर्व में भी कई शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

एनएसयूआई ने प्रशासन से अवैध कब्जे वाले कक्ष खाली कराने, संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने, कथित मानसिक प्रताड़ना की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही शिकायतकर्ता छात्राओं की पहचान गोपनीय रखते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो छात्रहित में आंदोलन किया जाएगा।

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