श्रीनगर , जून 22 -- गांदरबल जिले के तुलमुल्ला गांव में स्थित प्रतिष्ठित माता रागन्या देवी मंदिर में सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं ने वार्षिक खीर भवानी मेले में भाग लिया। यह कश्मीरी पंडितों के लिए सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों में से एक माना जाता है।

इस अवसर पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी यहां पहुंचे।

जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों और देशभर से आए श्रद्धालु माता रागन्या देवी के दर्शन करने और मत्था टेकने के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में जुटने लगे थे। माता रागन्या देवी को लोकप्रिय रूप से माता खीर भवानी के नाम से जाना जाता है।

मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुलाब की पंखुड़ियां और दीये लेकर मंदिर परिसर के भीतर स्थित पवित्र झरने की ओर बढ़ते हुए दिखाई दिए।

पूरे मंदिर परिसर में गूंजते भजनों और भक्ति गीतों के बीच, श्रद्धालुओं ने शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

इस वार्षिक मेले ने कश्मीरी पंडितों के बीच पुरानी यादों को भी ताजा कर दिया। अनेक कश्मीरी पंडित अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से दोबारा जुड़ने के लिए हर साल इस मंदिर में लौटते हैं। कई श्रद्धालुओं ने कश्मीर के साथ अपने भावनात्मक जुड़ाव की बात की। उन्होंने कहा कि भले ही वे कहीं और बस गए हों और भौतिक सुख-सुविधाएं हासिल कर ली हों, लेकिन मन की सच्ची शांति केवल उन्हें अपनी मातृभूमि में ही मिलती है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रागन्या देवी मंदिर का दौरा किया। उन्होंने इस अवसर पर वहां पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि माता रागन्या देवी का आशीर्वाद लोगों को सद्भाव, प्रगति और आध्यात्मिक संतुष्टि की ओर ले जाता रहेगा। कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्यों से बातचीत में उपराज्यपाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि सभी श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने वार्षिक मेले के निर्बाध समन्वय और सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और अन्य हितधारकों के प्रयासों की सराहना की।

श्री सिन्हा ने पत्रकारों से कहा, "आज मैंने सभी की भलाई, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। माता खीर भवानी का आशीर्वाद हर किसी पर बना रहे। इस वर्ष, पवित्र मंदिर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं के लिए यात्रा की सुविधा, सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और पुख्ता इंतजाम किए हैं।"गांदरबल के उपायुक्त जतिन किशोर ने कहा कि सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए आरामदायक प्रवास और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया है।

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंदिर का दौरा किया और स्थानीय निवासियों द्वारा कश्मीरी पंडितों का गर्मजोशी से स्वागत किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और लोगों से कश्मीर की साझा परंपराओं व विरासत को संजोते हुए भविष्य की ओर देखने का आग्रह किया।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "हमें पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। हमें आगे देखना चाहिए। कश्मीरी पंडितों में जो लोग अपनी पीड़ा को एक हथियार बनाना चाहते हैं, वैसी ताकतों को खारिज कर दिया जाना चाहिए।"भाजपा जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सत शर्मा ने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या घाटी में शांतिपूर्ण माहौल को दर्शाती है। उन्होंने रेखांकित किया कि विभिन्न समुदायों और राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोग मेले में भाग ले रहे हैं और श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे हैं।

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