सागर , जून 12 -- मध्यप्रदेश में सागर जिले के देवरी थाना क्षेत्र में कथित अपहरण और दो लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि पूरी घटना स्वयं युवक और उसके साथियों द्वारा रची गई साजिश थी। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी फरार है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार ग्राम डोंगर सलैया निवासी राजेश जाटव ने थाना देवरी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 21 वर्षीय पुत्र पवन जाटव मित्र का जन्मदिन मनाने की बात कहकर घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। इसी दौरान अज्ञात व्यक्तियों ने फोन कर पवन के अपहरण की जानकारी देते हुए उसे छोड़ने के बदले दो लाख रुपये की फिरौती मांगी तथा रकम नहीं देने पर हत्या की धमकी दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना देवरी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। थाना प्रभारी हरिराम मानकर, उप निरीक्षक समरथ सीनम, मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत, साइबर टीम और सूचना संकलन तंत्र की संयुक्त टीम ने तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की।

जांच के दौरान पुलिस ने चितौरा टोल के पास एक ऑल्टो कार को चिन्हित कर उसमें सवार कथित अपहृत पवन जाटव सहित अरविंद दुबे, बलजीत सिंह और शुभम पटेल को हिरासत में लिया। पूछताछ में पता चला कि पवन जाटव और बलजीत सिंह, सुनील पटेल के कहने पर अवैध रूप से गांजा लेने ओडिशा के संबलपुर गए थे। वहां से लगभग आठ किलोग्राम गांजा लेकर लौटते समय कटनी के पहले पुलिस जांच की आशंका में उन्होंने गांजे का पैकेट और पवन का मोबाइल फोन ट्रेन से बाहर फेंक दिया।

सूत्रों ने बताया कि गांजा खरीदने में लगी रकम डूब जाने के बाद आर्थिक नुकसान की भरपाई करने और खर्च की गई राशि वापस प्राप्त करने के उद्देश्य से सुनील पटेल, पवन जाटव, बलजीत सिंह, शुभम पटेल और अरविंद दुबे ने मिलकर अपहरण की झूठी कहानी रची। आरोपियों ने पवन के पिता को फोन कर दो लाख रुपये की फिरौती मांगनी शुरू कर दी। उनका उद्देश्य भय और दबाव बनाकर अपने ही परिजन से धन वसूलना था।

पुलिस ने अरविंद दुबे, बलजीत सिंह, शुभम पटेल और पवन जाटव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता सुनील पटेल की तलाश जारी है। प्रकरण में प्रयुक्त ऑल्टो कार, मोबाइल फोन तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए गए हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि बलजीत सिंह और फरार आरोपी सुनील पटेल पूर्व में मादक पदार्थ से संबंधित एक प्रकरण में गाडरवारा जेल में साथ निरुद्ध रह चुके हैं। पुलिस आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि तथा मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।

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