रांची , जुलाई 26 -- ोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बीरेंद्र प्रधान ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में भर्ती प्रतियोगिता परीक्षा निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त हो इसकी मांग जायज़ है और छात्रों का यह हक भी है।
श्री प्रधान ने आज यहां कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उनके इस हक़ के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का अनुकरण करके तेलंगाना, कर्नाटक, केरला, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और झारखंड के भी शिक्षा मंत्रियों को भी इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उनकी सहयोगी पार्टियों को छात्रों की भीड़ में सिर्फ़ अपनी सियासत दिखती है जबकि हमें उनका भविष्य दिखता है।
लोजपा रामविलास के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रधान ने कहा कि आदरणीय चिराग पासवान ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में रहते हुए नौजवानों की हर जायज़ मांग को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा है। उन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि सरकार छात्रों से लगातार संवाद कर सकारात्मक समाधान की दिशा में बढ़ी है।गाँव के जिस छात्र की पहुँच दिल्ली तक नहीं, उसकी आवाज़ प्रधानमंत्री तक पहुँचाना चिराग पासवान जी का सिर्फ़ कर्तव्य नहीं - जीवन का लक्ष्य भी है। नौजवान का हक़, हमारी पार्टी की प्राथमिकता है।
श्री प्रधान ने कहा कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में सीआईडी जांच के बहाने हेमंत सरकार चुप है। जेपीएससी में प्रदेश के बच्चों का भविष्य टिका होता है, वहीं से सरकारी पदाधिकारी चयन होकर आते हैं अगर यही स्तिथि रहेगी तो फिर कभी भी झारखंड की धरती पर अच्छे अफसर नहीं आ पाएंगे।
श्री प्रधान ने कहा कि झारखंड में कोई भी भर्ती परीक्षा विवाद से परे नहीं है।
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