जयपुर , अप्रैल 15 -- राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि वह सुर्खियां बटोरने के लिए गलत बयानबाजी कर रहे है जबकि उनके शासन में होटलों में चली पिछली सरकार का दौर 'कांस्टीट्यूशन ब्रेकडाउन' की तरह था।

श्री दिलावर ने बुधवार रात अपने बयान में कहा कि श्री गहलोत बौखलाए हुए हैं और बचकानी बातें कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हमेशा कानून एवं न्यायालयों का सम्मान करती है। उच्चतम न्यायालय ने भी ओबीसी आयोग की रिर्पोट की सिफारिशों की अनुपालना के पश्चात ही चुनाव कराये जाने के लिए निर्देशित किया है। सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने पर सरकार उसका विस्तृत अध्ययन करेगी एवं विधिवेत्ताओं से राय लेकर ओबीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया से शीघ्र चुनाव संपन्न कराएगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तो 13 साल तक चुनाव कराए ही नहीं, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को सत्ता में बनाये रखने के लिए 1975 में आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस 'कांस्टीट्यूशन ब्रेकडाउन" जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे हम पर न्यायालय की अवहेलना करने और कांस्टीट्यूशन ब्रेकडाउन के आरोप लगा कर सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं।

श्री दिलावर ने आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने घर पर धरना प्रदर्शन कर राज्यपाल के सम्मान को तार-तार करने का काम किया था। वे अपने अपराधों का दोष एक लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार पर थोपकर एक घोर अपराध कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी से ज्यादा लोकतंत्र की हत्या करने वाली पार्टी कोई नहीं है। श्री गहलोत के जैसा राज्यपाल का अपमान करने वाला कोई नेता नहीं है और वह अनगर्ल टिप्पणियां कर लोगों को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।

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