जयपुर , जून 29 -- यमुना जल परियोजना को लेकर सोमवार को हुए समझौते के बाद राजस्थान में खुशी लहर हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया हैं जबकि कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस समझौते (एमओए) को सार्वजनिक करने की मांग की है।

इस समझौते के बाद भाजपा नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का इसके लिए आभार प्रकट कर रहे हैं कि जो समझौता 32 साल में नहीं हुआ वह श्री शर्मा ने मात्र ढाई साल में प्रयासों से संभव कर दिखाया हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि मंगलवार को प्रातः मुख्यमंत्री के जयपुर लौटने पर भव्य स्वागत किया जायेगा। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से श्री गहलोत को आमंत्रित करते हुए कहा "आपने स्वयं कहा था कि मुख्यमंत्री यमुना जल समझौता करके जयपुर लौटेंगे तो आप स्वयं उनका स्वागत करेंगे और माला पहनाकर बधाई देंगे। आज वह ऐतिहासिक अवसर आ गया हैं। यमुना जल समझौता संपन्न हो चुका है और मुख्यमंत्री मंगलवार को जयपुर लौट रहे है।"उन्होंने कहा "हम आपको आदरपूर्वक आमंत्रित करते हैं कि आप अपने कथन के अनुरुप इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री का स्वागत करे। आशा है कि आप इस जनहित के विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर अपनी घोषण का सम्मान करेंगे।"इस समझौते के बाद श्री गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि यमुना जल समझौते को लेकर राज्य सरकार ने आज हरियाणा के साथ नया एमओए किया है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। राजस्थान की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनके हितों से जुड़े इस समझौते में किन शर्तों पर सहमति बनी है।

श्री गहलोत ने कहा कि करीब ढाई वर्ष पूर्व (17 फरवरी 2024) किए गए एमओयू को भी लोकसभा चुनावों तक छिपाकर रखा गया था। बाद में सामने आया कि उसमें पहले हरियाणा को 24 हजार क्यूसेक पानी देने और शेष पानी राजस्थान को मिलने की शर्त थी।

उन्होंने कहा कि यदि नए एमओए में भी ऐसा है, तो यह वर्ष 1994 के मूल समझौते की भावना के विपरीत है, जिसमें स्पष्ट प्रावधान है कि यमुना जल का वितरण सभी राज्यों को उपलब्ध जल के अनुपात में होगा। किसी एक राज्य को प्राथमिकता या एकतरफा अधिकार नहीं है।

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