जयपुर , सितंबर 25 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती जोधपुर अग्निकांड में आग बुझाते समय घायल हुए अग्निशमन दल के कार्मिकों के उपचार और स्वास्थ्य की स्थिति के संबंध में चिकित्सकों से जानकारी लेकर उनकी कुशलक्षेम पूछी।

श्री गहलोत ने अस्पताल पहुंचकर यह जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जोधपुर के चीफ फायर ऑफिसर से हादसे के संबंधमें भी जानकारी ली। इसके बाद श्री गहलोत ने मीडिया से बातचीत कहा कि बर्न केस होने के कारण मरीजों से सीधे मिलना संक्रमण के लिहाज से उचित नहीं था। इसलिए अस्पताल के प्राचार्य, इलाज कर रहे चिकित्सक और जोधपुर के चीफ फायर ऑफिसर के साथ बैठकर बैठक की। उन्होंने बताया कि मरीजों का इलाज सही तरीके से चल रहा है और किसी ने कोई शिकायत नहीं की है।

चीफ फायर ऑफिसर जलज घसिया ने बताया कि वह खुद मौके पर मौजूद थे और आग बुझाने के दौरान अंत में जब एक बड़ा विस्फोट हुआ, तो छत गिर गयी और केमिकल की टंकी टूट गयी। उस भयानक विस्फोट में ये सभी लोग घायल हो गये। कुल 15 घायलों में से दो को तो प्राथमिक उपचार के बाद वहीं छुट्टी दे दी गयी थी। वर्तमान में सात लोग जोधपुर के अस्पताल में भर्ती हैं और छह लोगों का यहां एसएमएस में इलाज चल रहा है।

उन्होंने बताया कि यहां भर्ती छह दमकलकर्मियों में से एक मरीज 20 प्रतिशत तक जला हुआ है, जबकि बाकी 50 से ज्यादा जले हुए हैं। अस्पताल प्रशासन उनका पूरा ध्यान रख रहा है और व्यवस्था में कोई कमी नहीं है।

श्री गहलोत ने कहा कि वह फायर ऑफिसर्स और फायर फाइटिंग की पूरी टीम को धन्यवाद देना चाहते है कि उन्होंने अपनी जान पर खेलकर लोगों को बचाया। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों ने आश्वस्त किया है कि इलाज में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। अब यहां एसएमएस में एक बहुत अच्छी बर्न यूनिट बन गयी है, जो पहले नहीं थी, इसलिए देखभाल बेहतरीन तरीके से हो रही है। पचास प्रतिशत से ज्यादा बर्न होने पर स्थिति पूरी दुनिया में ही गंभीर मानी जाती है, लेकिन यहां इलाज बहुत अच्छे से चल रहा है।

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