प्रयागराज , अगस्त 13 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चिकित्सीय लापरवाही से महिला की मौत के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने तीन चिकित्सकों पर छह लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। आयोग ने परिवाद दाखिल किए जाने की तिथि से अंतिम भुगतान तक आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज तथा 10 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में अदा करने का भी निर्देश दिया है।
आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहिम तथा सदस्य प्रकाश चंद्र त्रिपाठी और सरला की पीठ ने यह आदेश पारित किया। महिला की मृत्यु के करीब 18 वर्ष बाद परिवादी को यह राहत मिली है। मामले के अनुसार राजरूपपुर निवासी महंत प्रकाश सिंह ने 24 जुलाई 2008 को जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी मालिनी सिंह (35) हृदय की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं। उन्हें 19 नवंबर 2007 को हॉर्टलाइन कार्डियक केयर सेंटर में भर्ती कराया गया था।
परिवाद में कहा गया कि उपचार और ऑपरेशन के दौरान संक्रमण फैल गया, जिसके बाद मालिनी सिंह को संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान 21 मार्च 2008 को उनकी मृत्यु हो गई।
आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद चिकित्सीय लापरवाही को मानते हुए डॉक्टर अरुण बनर्जी, डॉक्टर इशिता बनर्जी और कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर विवेक कुमार को संयुक्त रूप से छह लाख रुपये हर्जाना अदा करने का आदेश दिया है।
आयोग ने निर्देश दिया कि हर्जाने की राशि परिवाद दाखिल किए जाने की तिथि से अंतिम भुगतान तक आठ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ अदा की जाए। इसके अतिरिक्त परिवादी को 10 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी भुगतान किया जाएगा।
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