जयपुर , मई 03 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि गालव ऋषि की तपोस्थली गलता तीर्थ के प्रति आमजन में विशेष श्रद्धा का भाव है और ऐसे में तीर्थ के मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए पौराणिकता एवं आधुनिकता के संगम के साथ व्यवस्थाओं को विकसित किया जाए।

श्री शर्मा रविवार को यहां गलता धाम परिसर में तीर्थ के विकास को लेकर अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकता के अनुरूप जिला प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने वृद्धजनों के लिए ट्रैवलेटर जैसी सुविधाएं मुहैया करवाने के निर्देश दिए, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्राप्त हो सके।

उन्होंने तीर्थ परिसर में बने मंदिरों एवं पवित्र कुंडों की दीवारों के जीर्णोद्धार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गलता धाम आने वाले दोनों रास्तों के विकास सहित आमजन के लिए समुचित वाहन पार्किंग विकसित की जाए। साथ ही, गलता मार्गों पर धार्मिक चित्रण किया जाए ताकि प्रवेश से लेकर तीर्थ तक आने वाले श्रद्धालुओं का मन आस्था से भर उठे। उन्होंने प्रवेश द्वार पर गलता तीर्थ में बने मंदिरों की संपूर्ण जानकारी प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सावन महीने से पहले गलताजी के पवित्र कुंडों की साफ-सफाई के लिए आधुनिक मशीनों के साथ काम किया जाए। साथ ही, परिसर में वानरों के लिए विशेष स्थान निर्धारित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सीतारामजी मंदिर में सपत्नीक पूजा-अर्चना कर आरती उतारी और प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए कामना की। उन्होंने गलता परिसर में बने विभिन्न मंदिरों का अवलोकन भी किया। इसके बाद उन्होंने गलता तीर्थ के पवित्र कुंड में अर्घ्य भी दिया। साथ ही, पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

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