मथुरा , मई 29 -- देश भर में बढ़ती गर्मी के बीच वाइल्डलाइफ एसओएस ने अपने संरक्षण केंद्रों में बचाए गए हाथियों और भालुओं को भीषण तापमान से राहत देने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। संस्था ने आगरा और मथुरा स्थित केंद्रों में शीतलन उपाय, आहार में बदलाव और ठंडे वातावरण की व्यवस्था कर जानवरों की सेहत और व्यवहारिक संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया है।

आगरा भालू संरक्षण केंद्र में भालुओं को तरबूज, खरबूजा और आम जैसे मौसमी फल दिए जा रहे हैं, जिससे उनके शरीर में पानी की कमी न हो। साथ ही ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) के जरिए इलेक्ट्रोलाइट्स भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गर्मी से राहत के लिए जमे हुए फलों के पॉप्सिकल्स, पानी के पूल, वॉटर स्प्रिंकलर और एयर कूलर की व्यवस्था की गई है।

मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र और हाथी अस्पताल परिसर में भी हाथियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। बाड़ों में स्प्रिंकलर लगाए गए हैं तथा हाथियों को तालाबों में नहाने और आराम करने की सुविधा दी गई है। मिट्टी स्नान की व्यवस्था भी की गई है, जिससे उनकी त्वचा धूप से सुरक्षित रहे। हाथियों के आहार में तरबूज, कद्दू, लौकी और खीरे जैसी मौसमी सब्जियां और फल शामिल किए गए हैं।

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि बढ़ते तापमान के बीच जानवरों के लिए सक्रिय ग्रीष्मकालीन प्रबंधन बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि संस्था की टीमें लगातार यह सुनिश्चित कर रही हैं कि सभी जानवर हाइड्रेटेड, आरामदायक और मानसिक रूप से सक्रिय रहें।

संस्था की सह-संस्थापक और सचिव गीता शेषमणि ने कहा कि गर्मी से बचाव के सभी प्रोटोकॉल जानवरों के शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। वहीं, वाइल्डलाइफ एसओएस के पशु चिकित्सा सेवाओं के उप निदेशक डॉ. इलयाराजा एस ने बताया कि गर्मी के तनाव से बचाने के लिए निरंतर निगरानी, जल प्रबंधन और शीतल वातावरण बनाए रखना आवश्यक है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित