लखीसराय , अप्रैल 01 -- बिहार के लखीसराय जिले में गर्मी के बढ़ते प्रकोप एवं संभावित लू (हीट वेव) को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से आमजन की सुरक्षा हेतु व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में नागरिकों को लू से बचाव के आवश्यक उपायों के प्रति सजग रहने की अपील की गई है।

जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, अत्यधिक गर्मी के दौरान दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो सिर को ढककर निकलें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस या नींबू पानी का सेवन करते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

बच्चों, बुजुर्गों एवं बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उन्हें धूप में जाने से बचाना चाहिए तथा घर के अंदर ठंडे एवं हवादार स्थान पर रखना चाहिए। खेतों में कार्य करने वाले किसानों एवं श्रमिकों को सुबह एवं शाम के समय कार्य करने तथा बीच-बीच में आराम करने की सलाह दी गई है।

जिला प्रशासन ने बताया कि लू के लक्षण जैसे चक्कर आना, तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। ऐसी स्थिति में प्राथमिक उपचार के रूप में व्यक्ति को छायादार स्थान पर लिटाएं, ठंडा पानी पिलाएं तथा शरीर को ठंडा रखने का प्रयास करें।इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, बाजार एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। साथ ही विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बच्चों को लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने आमजन से अपील की है कि वे लू से बचाव के लिये जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सावधानी एवं जागरूकता ही लू से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

जिला प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आपात स्थिति में सभी स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध रहें, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित