कानपुर , मई 27 -- गर्मी की छुट्टियों में माध्यमिक शिक्षा परिषद के मेधावी छात्र इन दिनों विज्ञान और तकनीक की व्यवहारिक दुनिया से रूबरू हो रहे हैं। आईआईटी कानपुर के सहयोग से आयोजित ग्रीष्मकालीन विज्ञान शिविर-2026 में छात्र किताबों से बाहर निकलकर प्रयोगों, मॉडल निर्माण और तकनीकी गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान को समझ रहे हैं।
26 मई से शुरू हुआ यह समर साइंस कैंप 24 जून तक चलेगा, जिसमें कक्षा नौ से 11 तक के 30 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। अधिकांश छात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं।
बुधवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शिविर का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट्स और सीखने के अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्कूलों की छुट्टियों के दौरान आयोजित इस शिविर का उद्देश्य बच्चों को रचनात्मक और व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस पहल में उत्तर प्रदेश सरकार और आईआईटी कानपुर का सहयोग प्राप्त हो रहा है।
शिविर में विद्यार्थियों को पायथन प्रोग्रामिंग, डेटा माइनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, हाइड्रोपावर और सोलर तकनीक से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्य कराया जा रहा है। छात्र वायरलेस चार्जर, सोलर कुकर, स्केलेबल वेटिंग बैलेंस तथा पानी से बिजली उत्पादन जैसे मॉडलों पर काम कर रहे हैं।
रंजीत सिंह रोजी शिक्षा केंद्र में संचालित इस कैंप का माहौल पारंपरिक कक्षा से अलग है। यहां विद्यार्थी केवल सैद्धांतिक अध्ययन नहीं कर रहे, बल्कि प्रयोगों और हैंड्स-ऑन गतिविधियों के जरिए विज्ञान की मूल अवधारणाओं को समझ रहे हैं।
इस विशेष शिविर के लिए विद्यार्थियों का चयन विज्ञान प्रदर्शनी, क्विज प्रतियोगिता और शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर किया गया। इसके बाद इंटरव्यू के माध्यम से उनकी तार्किक क्षमता और वैज्ञानिक समझ का परीक्षण किया गया।
आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर संदीप संगल इस समर साइंस कैंप और आरएसके-आईआईटीके पहल का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके साथ प्रो. आदित्य केलकर, प्रो. जे. रामकुमार, प्रभाकर और प्रो. सुधांशु सिंह विद्यार्थियों को तकनीकी और वैज्ञानिक प्रशिक्षण दे रहे हैं। पीईओ रीता सिंह ने बताया कि शिविर के दौरान विद्यार्थियों को एस्ट्रोनॉमी गतिविधियों के तहत नाइट स्काई वाचिंग भी कराई जाएगी। साथ ही आईआईटी कानपुर परिसर की विभिन्न प्रयोगशालाओं और तकनीकी इकाइयों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के शिविर बच्चों में विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित