पटना , अप्रैल 09 -- राजधानी पटना में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए विधुत विभाग की ओर से नया मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत शहर में रोजाना बिजली की खपत 1000 मेगावाट से पार जाने पर भी शहरवासियों को बिजली ट्रिपिंग एवं ब्रेकडाउन की समस्या का सामना नहीं करना होगा।
राजधानी पटना में इस बार गर्मियों में तीन महीने के अंदर 18 नये पावर सब स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है, जिससे मई-जून के महीने में भीषण गर्मी पड़ने पर भी लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति की जायेगी।
पेसू के जीएम दिलीप सिंह ने बताया कि शहर में हर साल बढ़ते बिजली लोड के देखते हुए आरडीएसएस के तहत रखरखाव का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कहा कि राजधानी में 18 जगहों पर नया पावर सब स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें रानीपुर, नंदलाल छपरा, कोथवां, डीपीएस मोड़, विद्युत भवन एमएलए फ्लैट के पास, बहादुरपुर, आनंद बाजार, दानापुर प्रखंड कार्यालय के पास, पहाड़ी, भगवतीपुर, नौसा, बैरिया सहित अन्य जगहों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। उम्मीद है कि बीते दो-तीन महीनों में सभी पीएसएस को चार्ज कर शुरू कर दिया जायेगा।
18 जगहों पर निर्माण हो रहे इन पीएसएस में 10-10 एमवीए का दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाया जायेगा, जिससे राजधानी के पेसू क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की सप्लाई 360 एमवीए तक बढ़ जायेगी। फिलहाल पटना में 84 पावर सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति की जा रही है। वहीं इस बार अनुमान है कि राजधानी में बिजली की खपत 1000 मेगावाट के पार जा सकती है। जिसके लिए प्रोजेक्ट के तहत सारी तैयारी पूरी कर ली गयी है।
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