बैतूल , अगस्त 01 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में गर्भवती पत्नी की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले में मृतका के दो मासूम बच्चों की प्रत्यक्षदर्शी गवाही को महत्वपूर्ण और विश्वसनीय साक्ष्य मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने आरोपी पर तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र थपलियाल की अदालत ने आरोपी सोनू उर्फ मनक उइके को भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 1 जून 2025 को बैतूल बाजार थाना क्षेत्र में हुई थी।
लोक अभियोजक नितिन मिश्रा ने बताया कि घटना के दिन दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आरोपी अपने खेत पर बने मकान में मौजूद था। गेहूं बेचने की बात को लेकर उसकी पत्नी बसंती से विवाद हो गया। विवाद के दौरान आरोपी शराब के नशे में था। गुस्से में उसने लकड़ी के डंडे से पत्नी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें लगने से तीन माह की गर्भवती बसंती की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के समय दंपती के दोनों छोटे बच्चे घर में मौजूद थे। उन्होंने अपनी मां पर हमला होते देखा और घबराकर अपने नाना गणेश के घर पहुंचे। बच्चों से सूचना मिलने पर गणेश घटनास्थल पहुंचे, जहां आरोपी घर के सामने लकड़ी का डंडा लिए खड़ा मिला। घर के भीतर बसंती दीवार से टिकी हुई थी तथा उसके सिर और मुंह से खून बह रहा था। सूचना पर पहुंची बैतूल बाजार पुलिस ने महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उसी दिन आरोपी को हिरासत में ले लिया था।
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