गरियाबंद , अक्टूबर 31 -- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में पुलिस ने नक्सलियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखे गए 21 लाख रुपये बरामद कर दो आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से नकदी के अलावा तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।

पुलिस से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार, मैनपुर थाना क्षेत्र के राजाडेरा जंगल में नक्सलियों द्वारा जमीन में छिपाकर रखी गई रकम निकालने के लिए तीन लोगों के पहुंचने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। इसी दौरान जंगल से बैग लेकर लौट रहे तीन संदिग्ध पुलिस को देखकर छिपने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने उन्हें पकड़कर तलाशी ली, जिसमें 21 लाख रुपये नकद बरामद हुए।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिंगे उर्फ रोशनी (25), निवासी ग्राम गामगुलाबर, जिला सुकमा, बुधरी मुचाकी उर्फ सोनी (35), निवासी ग्राम एटागुड़ा, जिला सुकमा और नोहर मरकाम (36), निवासी ग्राम भूतबेड़ा, थाना मैनपुर, जिला गरियाबंद के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, सिंगे उर्फ रोशनी पूर्व में नक्सली कमांडर चलपति की सुरक्षा गार्ड रह चुकी है, जबकि बुधरी मुचाकी उर्फ सोनी सीएनएम दलम की पूर्व कमांडर थी। दोनों महिलाओं ने पहले आत्मसमर्पण कर दिया था। नोहर मरकाम पर नक्सलियों के सहयोगी के रूप में सक्रिय रहने का आरोप है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 2024 में नक्सली कमांडर चलपति ने कथित तौर पर ठेकेदारों और स्थानीय लोगों को धमकाकर अवैध वसूली के जरिये 21 लाख रुपये एकत्र किए थे। इस रकम को राजाडेरा पहाड़ी के पास जंगल में जमीन के भीतर छिपा दिया गया था।

पुलिस के अनुसार, दोनों आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने सुकमा स्थित पुनर्वास शिविर में रहने के दौरान अपने पुराने सहयोगी नोहर मरकाम से संपर्क किया था। इसके बाद तीनों ने जंगल में छिपाई गई रकम निकालने की योजना बनाई। आरोपियों ने निर्धारित स्थान से नकदी निकाल ली थी, लेकिन लौटते समय पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

जब्त रकम 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियों के रूप में थी, जिन्हें एक टिफिन में रखकर बैग के भीतर छिपाया गया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और एक टीवीएस मोटरसाइकिल भी बरामद की है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित