गरियाबंद , अक्टूबर 03 -- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में शव वाहन नहीं मिलने के कारण परिजनों को एक बुजुर्ग का शव बांस की बल्ली के सहारे कंधे पर रखकर घर ले जाना पड़ा। घटना गुरुवार की बताई जा रही है, जिसकी जानकारी शुक्रवार को सामने आई।
मामला मैनपुर थाना क्षेत्र के बरदुला जंगल से जुड़ा है। यहां बेहराडीह निवासी कमार जनजाति के बुजुर्ग सुमेर सिंह का शव पेड़ पर लटका मिला था। बताया गया है कि सुमेर सिंह करीब पांच दिनों से घर से लापता थे और परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान बरदुला के जंगल में उनका शव मिलने की सूचना मिली।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद परिजनों ने शव को घर ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था होने का इंतजार किया। परिजनों का आरोप है कि करीब तीन घंटे इंतजार के बावजूद शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया जा सका।
आखिरकार परिजनों ने बांस की बल्ली का सहारा लिया और शव को उसमें बांधकर कंधे पर रखकर घर की ओर रवाना हुए। घटना की तस्वीर सामने आने के बाद दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में शव परिवहन की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कमार जनजाति के बुजुर्ग के शव को इस तरह घर ले जाने की घटना की जानकारी शुक्रवार को सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। फिलहाल इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित