रायपुर , जनवरी 19 -- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सल विरोधी अभियान को सोमवार को अहम सफलता मिली, जब दो इनामी नक्सलियों सहित कुल नौ नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। सभी नक्सली राजेडेरा क्षेत्र से निकलकर गरियाबंद जिला मुख्यालय पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण करने वालों में डीवीसीएम पद पर सक्रिय बलदेव उर्फ वामनवट्टी उर्फ बलदेव मासा (35) और डीवीसी मेंबर अंजू उर्फ कविता शामिल हैं। दोनों पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। बलदेव सीनापाली एरिया में सक्रिय था और उसने एसएलआर के साथ सरेंडर किया, जबकि अंजू ने इंसास राइफल जमा कराई।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, अन्य आत्मसमर्पित नक्सलियों में सरुपा, रतना, गोविंदा उर्फ रंजिता, सोनी उर्फ बुधरी, उर्षा, नविता और डमरु शामिल हैं। इनमें महिला और पुरुष दोनों नक्सली शामिल हैं और सभी ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है।
बताया जा रहा है कि आत्मसमर्पण से पहले नक्सलियों के परिजनों और पूर्व नक्सलियों द्वारा भावुक अपील की गई थी। दो दिन पूर्व सामने आए एक वीडियो में परिजनों ने तेलुगु और गोंडी भाषा में अपने स्वजनों से हिंसा का रास्ता छोड़कर घर लौटने की गुहार लगाई थी। इस भावनात्मक अपील का असर भी आत्मसमर्पण के निर्णय में अहम माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के इस कदम को सकारात्मक बताते हुए कहा कि शासन की पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति के तहत उन्हें नियमानुसार सभी सुविधाएं और सहायता प्रदान की जाएगी। इससे क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में माहौल मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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