पटना, मई 20 -- बिहार के सम्राट मंत्रिमंडल ने बुधवार को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में तेरह कार्यसूचियों पर अपनी मुहर लगाईं।

मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार चौधरी ने संवाददाताओं को बताया कि मंत्रिमंडल ने निर्णय के अनुसार बिहार में नये अन्तर्राष्ट्रीय मार्गों पर हवाई संपर्कता बढ़ाने की नीति के तहत नए अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए लगातार वायु सेवा प्रदान करने के लिए आमंत्रित निविदा के अनुसार मेसर्स इंटरग्लोब एविएसन लिमिटेड (इंडिगो एयरलाइंस) से गयाजी-बैंकॉक मार्ग के लिए प्राप्त एकल निविदा को नामांकन के आधार पर चयन करने एवं व्यवहार्यता अंतर निधि के रूप में अधिकतम बारह माह के लिए 10,40,00,000/- (दस करोड़ चालीस लाख रूपये) मात्र की प्रशासनिक एवं व्यय की स्वीकृति प्रदान की गयी है।उन्होंने बताया कि गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, गया से बैंकॉक (थाईलैंड) के मध्य सीधी हवाई संपर्कता स्थापित होने से बिहार में विदेशी पर्यटकों, विशेषकर बौद्ध पर्यटकों के आगमन में सुविधा एवं वृद्धि होगी। थाईलैंड से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक बौद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिये भारत आते हैं।

श्री चौधरी ने बताया कि उद्योग विभाग ने मेसर्स पटेल वेयरहाउसिंग प्रा. लि. नालंदा को 960 एमटीपीडी क्षमता के राईस उत्पादन इकाई की स्थापना करने के लिए 8818.00 लाख (अठासी करोड़ अठारह लाख रूपये) के निजी पूँजी निवेश की स्वीकृति दी गयी। इकाई की स्थापना होने पर राज्य में पूँजी निवेश के साथ-साथ कुल 185 कुशल एवं अकुशल कामगारों का प्रत्यक्ष नियोजन संभव हो सकेगा।

उद्योग विभाग के एक अन्य प्रस्ताव मेसर्स ई एस ई एनर्जी प्राईवेट लिमिटेड, कुदरा, कैमूर में ग्रेन बेस्ड 60 केएलपीडी इथेनॉल प्लान्ट एवं 2.0 मेगावाट को जेनेरेशन पॉवर प्लान्ट इकाई की स्थापना के लिए कुल 7345.00 लाख (तिहत्तर करोड़ पैतालीस लाख रूपये) मात्र के निजी पूँजी निवेश पर वित्तीय प्रोत्साहन की स्वीकृति दी गयी है। इकाई की स्थापना होने पर राज्य में पूँजी निवेश के साथ-साथ कुल 93 कुशल एवं अकुशल कामगारों को रोजगार मिलेगा।

जल संसाधन विभाग की तरफ से जारी सूचना के अनुसार भारत सरकार, पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर के साथ अमृतसर कोलकाता इण्डस्ट्रीयल कॉरिडोर विकसित कर रही है, जिसका उद्देश्य 1839 किलोमीटर की लम्बाई में छह राज्यों में क्षेत्र के आर्थिक एवं रोजगार क्षमता का आकलन करना है। सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य विशेष रूप से विनिर्माण, कृषि संस्करण, सेवाओं और निर्यातोन्मुख इकाईयों में निवेश को प्रोत्साहित करना तथा समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ वर्तमान आर्थिक एवं रोजगार क्षमता को विकसित करना है।

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