सहारनपुर , जुलाई 9 -- उत्तर प्रदेश में गन्ने की पैदावार के मामले में सहारनपुर मंडल ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है।
गन्ना उपायुक्त सहारनपुर मंडल ओमप्रकाश सिंह ने गुरुवार को बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की गन्ना पट्टी प्रदेश के कुल गन्ना उत्पादन में लगभग 40 से 45 प्रतिशत योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर मंडल का शामली जनपद लगातार आठवें वर्ष प्रदेश में गन्ना उत्पादन में पहले स्थान पर बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में शामली जनपद ने प्रति हेक्टेयर 969.12 क्विंटल गन्ने का उत्पादन कर प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इसी मंडल के मुजफ्फरनगर जनपद ने 900.96 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन दर्ज किया है।
श्री सिंह ने बताया कि सहारनपुर जिले में गन्ने का औसत उत्पादन 825 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहा, जबकि उत्तर प्रदेश में गन्ने की औसत उत्पादकता 825.56 क्विंटल प्रति हेक्टेयर दर्ज की गई है। इसके अलावा बागपत में प्रति हेक्टेयर 914.16 क्विंटल तथा मेरठ में 888.68 क्विंटल गन्ने का औसत उत्पादन हुआ है।
उन्होंने बताया कि शामली जनपद ने पिछले कई वर्षों से गन्ना उत्पादन में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वर्ष 2023-24 में यहां प्रति हेक्टेयर 1036.04 क्विंटल गन्ने का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ था। वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 1023.16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहा, जबकि वर्ष 2022-23 में औसत उत्पादन 1025.12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर दर्ज किया गया था। वर्ष 2019-20 में शामली की उत्पादकता 990.64 क्विंटल, वर्ष 2020-21 में 1004.28 क्विंटल तथा वर्ष 2021-22 में 1014.16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही।
गन्ना उपायुक्त ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों की तुलना में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन काफी बेहतर है। पूर्वांचल के बस्ती जिले में गन्ने की औसत उत्पादकता 711.64 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, देवरिया में 688.64 क्विंटल, बलिया में 684.08 क्विंटल तथा आजमगढ़ में 697.08 क्विंटल प्रति हेक्टेयर दर्ज की गई है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आधुनिक खेती, उन्नत प्रजातियों और किसानों की मेहनत के बल पर आगामी वर्ष में भी शामली जनपद प्रदेश में गन्ना उत्पादन के मामले में अपना पहला स्थान बरकरार रखेगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित