देहरादून , सितम्बर 24 -- उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने गुरुवार को विभागीय समीक्षा में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सैन्य धाम से संबंधित जो भी कार्य अभी शेष हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अगले 15 दिनों के भीतर पूर्ण किया जाए।
श्री जोशी ने कहा कि सैन्य धाम उत्तराखण्ड के वीर सैनिकों, शहीदों और उनके परिजनों के सम्मान एवं गौरव का प्रतीक है, इसलिए इसके लोकार्पण से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण की जाएं। उन्हाेंने बताया कि सैन्यधाम के लोकार्पण के अवसर पर प्रदेश के दोनों मण्डलों से 'सैन्यधाम यात्रा' निकाली जाएगी। कुमाऊं मण्डल में यात्रा का शुभारम्भ सीमांत पिथौरागढ़ जिला के धारचूला से तथा गढ़वाल मण्डल में माणा से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों यात्राएं विभिन्न पड़ावों से होते हुए सैन्य धाम पहुंचेंगी। उन्होंने कहा कि इन यात्राओं के माध्यम से प्रदेश के वीर सैनिकों और शहीदों के प्रति सम्मान की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही युवाओं में राष्ट्रसेवा एवं सैन्य परंपरा के प्रति गौरव की भावना को और मजबूत किया जाएगा।
मंत्री ने बैठक में प्रदेश के समस्त सैनिक विश्राम गृहों के जीर्णाेद्धार के लिए 15 करोड़ रुपए की अनुपूरक धनराशि उपलब्ध कराए जाने की जानकारी भी दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सैनिक विश्राम गृहों के जीर्णाेद्धार एवं आवश्यक सुविधाओं के कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के हजारों परिवारों का भारतीय सेना से गौरवपूर्ण जुड़ाव रहा है। सैन्यधाम के माध्यम से उत्तराखण्ड के वीर सैनिकों और शहीदों की वीरगाथाओं, त्याग एवं बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।
बैठक में सैनिक कल्याण विभाग के सचिव युगल किशोर पंत, निदेशक बिग्रेडियर डीएस बसेड़ा (सेनि), उपनल के एमडी बिग्रेडियर जेएनएस बिष्ट (सेवानिवृत्त) सहित सैनिक कल्याण, उपनल एवं पेयजल निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।
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