वाराणसी , जनवरी 26 -- 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर नगर निगम मुख्यालय में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने ध्वजारोहण किया और अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति में राष्ट्रध्वज को सलामी दी।

इस मौके पर महापौर ने कहा कि नगर निगम अब केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में लगभग 55 हजार करोड़ रुपये की विकास योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे वाराणसी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। नगर निगम 1323 करोड़ रुपये के बजट के माध्यम से शहर की नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने में जुटा है।

महापौर ने कहा कि शहर को 'गार्बेज फ्री सिटी' बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। नगर के 27 कूड़ा घरों में से 21 को बंद किया जा चुका है और शेष छह को भी शीघ्र बंद किया जाएगा। सफाई व्यवस्था के लिए वाहनों की संख्या 141 से बढ़ाकर 365 कर दी गई है, जबकि सफाईकर्मियों की संख्या 4075 से बढ़कर 7428 हो गई है।

उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र का दायरा 82.10 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 186.67 वर्ग किलोमीटर हो जाने के बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण में वाराणसी की रैंकिंग 41वें स्थान से सुधरकर 17वें स्थान पर पहुंच गई है। नगर निगम की वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए महापौर ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में निगम की आय 90 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 208 करोड़ रुपये हो गई है। निगम का बजट 689 करोड़ रुपये से बढ़कर 1323 करोड़ रुपये हो गया है, जो लगभग 92 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

श्री तिवारी ने बताया कि निगम की आय बढ़ाने के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से सिगरा और लहुराबीर में अंडरग्राउंड पार्किंग, होटल और मार्केट कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही शिवपुर कांजी हाउस को भी व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल सहित निगम के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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