बारां , मार्च 22 -- राजस्थान में बारां में रियासतकाल से जारी 129वें वर्ष गणगौर की शाही सवारी शनिवार रात शहर में धूमधाम एवं उत्साह के साथ परम्परागत ढंग से निकाली गई।

इसमें मुख्य रूप से ईसरगौर के स्वर्ण आभूषण से सुसज्जित तीन जोड़े एवं संत प्रेमानन्द महाराज की सजीव पैदल झांकी इस बार आकर्षण का केंद्र रही।

शाही सवारी में शहर के ख्यातनाम बैंड बाजों के बीच कंजरी नृत्य, कच्ची घोड़ी एवं घुडसवार भी शामिल रहे।

गणगौर महोत्सव समिति के संरक्षक ललित मोहन खण्डेलवाल, रामभरोस सेन, अध्यक्ष दुष्यंत शर्मा ने रविवार को बताया कि गणगौर की शाही सवारी शहर के चौमुखा बाजार से शुरू होकर सर्राफा, सदर बाजार, धर्मादा चैराहा, मेन मार्केट, प्रताप चैक होते हुए पुलिस चौकी से इंद्रा बाजार, श्रीजी चौक होते हुए वापस चौमुखा बाजार पहुंची।

इस बार गणगौर की शाही सवारी में शहनाई की गूंज, कंजरी नृत्य, कच्ची घोडी, घुडसवारी करते हुए लवकुश, बग्घी में बिराजे रामदरबार, लक्ष्मीनारायण भगवान, हनुमानजी, श्रीकृष्ण गाय पर, शनिदेव, अर्धनारीश्वर पोलतथा काली माता की पैदल झांकी के साथ-साथ श्रीनाथजी, शिव बारात भी काफी आकर्षण का केन्द्र रही।

शहर में शाही सवारी देखने के लिए लोग सड़कों, बजारों में देर रात तक टकटकी लगाए रहे। इस दौरान भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा।

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