देहरादून , फरवरी 21 -- उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को कहा कि गढ़वाल और कुमायूं दोनो मंडलों में एक एक सिल्क पार्क की स्थापना की जायगी।
श्री जोशी ने देहरादून जनपद अंतर्गत सहसपुर में क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केन्द्र के तत्वावधान में आयोजित रेशम कृषि मेले का आज शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ रेशम के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया।
कृषि मंत्री ने इस दौरान क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र सहसपुर-देहरादून द्वारा प्रकाशित पुस्तक का विमोचन तथा रेशम संग्रहालय का और कृषि आधारित शहतूत वृक्षारोपण के एकीकृत मॉडल का भी उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में पौधा रोपण भी किया और रेशम कृषकों द्वारा अपने अनुभव भी साझा किए।
श्री जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य बहुमूल्य प्रजाति के बाईवोल्टीन रेशम कोया उत्पादन के लिए देशभर में प्रसिद्ध है, जिसकी गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की है। उन्होंने बताया कि राज्य के मैदानी एवं तराई क्षेत्र बाईवोल्टीन प्रजाति के कोया उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। उन्होंने कहा कि पर्वतीय एवं सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां भारी उद्योग स्थापित करना संभव नहीं है, वहां उपलब्ध श्रमशक्ति का उपयोग करते हुए किसानों को वन्या रेशम जैसे ओक टसर, मूगा एवं एरी रेशम उत्पादन से जोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
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