पौड़ी, मई 18 -- उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप लगातार यात्रा मार्गों का निरीक्षण कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने श्रीनगर पहुंचकर प्रशासन, पुलिस और बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा इंतजामों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर गहन चर्चा की।
आईजी राजीव स्वरूप ने बताया कि इससे पूर्व भी वह केदारनाथ धाम पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चुके हैं। इस बार श्रीनगर और आसपास के यात्रा मार्गों का जायजा लिया गया, जहां कुछ स्थानों पर सड़क और ट्रैफिक संबंधी समस्याएं सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को पहले ही आवश्यक निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद कई स्थानों पर सुधार कार्य पूरे कर लिए गए हैं। वर्तमान में यातायात व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुचारु रूप से संचालित हो रही है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। श्रीनगर चारधाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव होने के कारण यहां विशेष निगरानी रखी जा रही है।
केदारनाथ में आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस प्रशासन, बीकेटीसी और पुरोहित समाज के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। बैठक में श्रद्धालुओं को लंबी कतारों से राहत देने और दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए नई एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार की गई है, जिसके तहत दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जाएगा।
आईजी राजीव स्वरूप ने कहा कि प्रतिदिन सुबह संबंधित विभागों, पुलिस अधिकारियों और पुरोहित समाज के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बदलाव भी किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
गढ़वाल रेंज पुलिस ने इस बार सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को भी प्राथमिकता दी है। आईजी ने बताया कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी विभागों के साथ कई दौर की समन्वय बैठकें आयोजित की गई थीं। भारी भीड़ और जाम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ऋषिकेश में वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया गया है। इसके साथ ही पूरे यात्रा मार्ग पर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और निर्बाध रूप से संचालित हो सके।
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