टिहरी , जुलाई 10 -- उत्तराखंड में गढ़वाली लोकभाषा, लोक संस्कृति और पर्वतीय राज्य की पारंपरिक जीवन शैली पर आधारित फीचर फिल्म 'मार्छ' की टीम ने शुक्रवार को जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों ने फिल्म की विषयवस्तु, उद्देश्य तथा उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों से जिलाधिकारी को अवगत कराया।
फिल्म के निर्माता रोहित शर्मा ने बताया कि देहरादून में सफल प्रदर्शन के बाद अब फिल्म का प्रदर्शन नई टिहरी स्थित त्रिहारी सिनेमा हॉल में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य गढ़वाली भाषा, लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा स्थानीय सिनेमा को नई पहचान दिलाना है।
जिलाधिकारी खण्डेलवाल ने फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति पर आधारित रचनात्मक प्रयास राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने जनपदवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सिनेमाघरों तक पहुंचकर गढ़वाली फिल्मों को प्रोत्साहित करने की अपील की, ताकि उत्तराखंड की मातृभाषा, लोककला और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती मिल सके।
फिल्म के निर्देशक शिवनारायण सिंह रावत, क्रिएटिव डायरेक्टर धीरज वर्मा और संगीतकार रणजीत सिंह ने भी स्थानीय सिनेमा के विकास के लिए जनसहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। फिल्म में अर्जुन चंद्रा, कामिनी, सुनील कुमार गुप्ता, सुमन गौड़, अजय सिंह बिष्ट, अंशिका शर्मा और संजय बडोनी ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं।
फिल्म की टीम ने प्रदेशवासियों से स्थानीय फिल्मों का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि इससे भविष्य में उत्तराखंड की संस्कृति और लोकजीवन पर आधारित गुणवत्तापूर्ण फिल्मों के निर्माण को नई दिशा मिलेगी।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी भी मौजूद रहे।
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