गढ़चिरौली , जून 29 -- महाराष्ट्र में गढ़चिरौली की पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर बलबेड़ा जंगल में अवैध हथियार बनाने वाली एक भूमिगत इकाई को नष्ट करने के साथ ही हथियार बनाने के उपकरणों का बड़ा जखीरा जब्त किया है।

अधिकारियों के अनुसार दूरदराज के वन क्षेत्र में चल रही माओवादियों की इस गुप्त इकाई के बारे में सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद दो दिन पहले यह अभियान शुरू किया गया था। गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक एम रमेश की देखरेख में चले इस तलाशी अभियान में छह संयुक्त टीमों ने हिस्सा लिया। इन टीमों में सी-60 कमांडो, प्राणहिता दस्ता, बम निरोधक एवं निबटान दस्ता (बीडीडीएस) और सीआरपीएफ के जवान शामिल थे।

अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने इस भूमिगत इकाई का पता लगाया। यहां 5-6 टन की एक लेथ मशीन, लगभग 150 क्लेमोर और बीजीएल पाइप, 220 12-बोर बंदूक की बैरल, 20 राइफल रॉड मेटल स्ट्रिप और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य मशीनें मौजूद थीं। दुर्गम इलाका होने के कारण इन भारी मशीनों को वहां से बाहर निकालना मुमकिन नहीं था। इसलिए सुरक्षा बलों ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत बरामद उपकरणों को मौके पर ही नष्ट कर दिया।

पुलिस ने कहा कि माओवादी भूमिगत इकाई का इस्तेमाल सुरक्षा बलों पर हमलों के लिए हथियार बनाने और उन्हें जमा करने के लिए कर रहे थे। वे इन हथियारों का इस्तेमाल खासकर चुनावों और माओवादी स्मृति सप्ताहों के दौरान करना चाहते थे।

अधिकारियों ने इस कार्रवाई को माओवादियों के लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका बताया है। उन्होंने कहा कि गढ़चिरौली में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों ने इस क्षेत्र में संगठन की उपस्थिति को काफी कमजोर कर दिया है।

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