उत्तरकाशी , जून 11 -- उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए की गई राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की पूर्व तैयारियां गुरुवार को एक बार फिर कारगर साबित हुईं। गंगोत्री घाट पर स्नान के दौरान गंगा की तेज धारा में बहने लगे एक बुजुर्ग श्रद्धालु को एसडीआरएफ के जवान ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सकुशल बचा लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ निवासी 77 वर्षीय चंद्रहास सिंह गंगोत्री घाट पर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह गंगा की तेज धारा में बहने लगे। घाट पर हालांकि पहले से सुरक्षा के मद्देनजर एसडीआरएफ द्वारा लगाए गए सुरक्षा रोप उनके लिए जीवनरक्षक साबित हुआ। बहाव में आने के दौरान चंद्रहास ने सुरक्षा रोप को पकड़ लिया, जिससे वह धारा में बहने से बच गया।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात एसडीआरएफ जवान नवीन पोखरिया ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गंगा नदी में प्रवेश किया। उन्होंने सुरक्षा उपकरणों और पूर्व स्थापित सुरक्षा व्यवस्था की मदद से श्रद्धालु तक पहुंच बनाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जवान की तत्परता और साहस के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं, स्थानीय पंडा समाज और अन्य लोगों ने एसडीआरएफ की कार्यशैली की सराहना करते हुए जवान नवीन पोखरिया के साहसिक कार्य की प्रशंसा की।
एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने जवान नवीन पोखरिया को बधाई देते हुए कहा कि एसडीआरएफ के जवान सदैव सेवा, सुरक्षा और समर्पण की भावना के साथ कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जवान द्वारा प्रदर्शित सतर्कता, साहस और त्वरित निर्णय क्षमता एसडीआरएफ की पेशेवर दक्षता एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
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