वाराणसी , अक्टूबर 06 -- गंगा की जलीय जैव विविधता को समृद्ध करने और राज्यमीन चिताला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए वाराणसी के अस्सी घाट पर आठ अक्टूबर को रिवर रैंचिंग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान गंगा में करीब एक लाख चिताला मछलियों की अंगुलिकाएं छोड़ी जाएंगी।
मत्स्य विभाग के अनुसार, कार्यक्रम में विशेष सचिव मत्स्य सुनील कुमार वर्मा के शामिल होने का प्रस्ताव है। जेडी मत्स्य अनिल कुमार अथवा डिप्टी डायरेक्टर फिशरीज (प्लानिंग) की भी मौजूदगी संभावित है।
मत्स्य विभाग के उपनिदेशक सुरेश कुमार ने बताया कि रिवर रैंचिंग के जरिए गंगा में चिताला मछली की संख्या बढ़ाने के साथ जलीय पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मछलियां जलीय खाद्य शृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उनकी संख्या बढ़ने से नदी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि रिवर रैंचिंग के तहत विभिन्न प्रजातियों की मछलियों के बीज अथवा अंगुलिकाएं नदियों में छोड़ी जाती हैं। इससे मछली संसाधनों के संरक्षण के साथ मछुआरों की आजीविका को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।
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