पटना , जून 20 -- िहार में सुगम यातायात और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए गंगा नदी पर दीघा-सोनपुर रेल-सह-सड़क पुल के समानांतर बन रहे 6-लेन एक्स्ट्रा-डोज्ड केबल ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना (एनएच-139 डब्ल्यू) के माध्यम से पटना और सारण (सोनपुर) के बीच संपर्क तंत्र को एक नई ऊंचाई मिलेगी।

पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) के सचिव पंकज पाल ने परियोजना की वर्तमान स्थिति और तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि यह 6-लेन महासेतु न केवल पटना और उत्तर बिहार के बीच की दूरी को कम करेगा, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास में भी मील का पत्थर साबित होगा। वर्तमान में मुख्य पुल, वायाडक्ट और लूप्स के बुनियादी ढांचे (वेल फाउंडेशन) का कार्य तेजी से निष्पादित किया जा रहा है। राज्य सरकार और विभाग का यह निरंतर प्रयास है कि निर्माण से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए ताकि आमजन को इसका लाभ शीघ्र मिल सके।

सचिव श्री पाल ने बताया कि बिहार सरकार का पथ निर्माण विभाग और संबंधित कार्य एजेंसी आपसी समन्वय के साथ इस परियोजना को गति दे रहे हैं। इस 6-लेन पुल के पूर्ण होने से न केवल पटना से बेतिया (वाया बाकरपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, साहेबगंज, अरेराज) जाने वाले लोगों को अत्यधिक सुगमता मिलेगी, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच व्यापारिक और सामाजिक दृष्टिकोण से एक नया मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत मुख्य पुल के कुल 39 वेल फाउंडेशन में से 31 पर कार्य प्रगति पर है। वहीं, वायाडक्ट के सभी 40 वेल फाउंडेशन का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसके अधिकांश पियर शाफ्ट व पियर कैप का निर्माण भी कर लिया गया है। लूप्स के लिए निर्धारित 70 वेल फाउंडेशन में से 27 का कार्य पूर्ण हो चुका है और 20 पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि आर.ई. पैनल कास्टिंग का कार्य लगभग 44.83 फीसदी पूरा हो चुका है। इसके अलावा टो वॉल और रिटेनिंग वॉल के निर्माण को रफ्तार दी जा रही है।

इस पूरी परियोजना की कुल डिजाइन लंबाई 6.925 किलोमीटर है। मुख्य एक्स्ट्रा-डोज्ड केबल ब्रिज की लंबाई 4556 मीटर, लूप्स की लंबाई 2044.669 मीटर और वायाडक्ट की लंबाई 700 मीटर निर्धारित है।

पुल के डिजाइन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुड़की से अतिरिक्त प्रूफ चेकिंग सुनिश्चित कराई जा रही है।

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