हरिद्वार , मई, 22 -- उत्तराखंड के हरिद्वार में आगामी वीकेंड एवं श्री गंगा दशहरा स्नान पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए शुक्रवार को पुलिस ने 23, 24 और 25 मई के लिए विस्तृत यातायात एवं डायवर्जन प्लान जारी कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्व अवधि में शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध तरीके से वाहनों का डायवर्जन लागू किया जाएगा।

पुलिस के अनुसार स्नान पर्व के दौरान शहर में यातायात का दबाव बढ़ने पर भारी वाहनों को जनपद की सीमाओं पर ही रोक दिया जाएगा। दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, पंजाब, देहरादून, ऋषिकेश और नजीबाबाद की ओर से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट एवं पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं।

दिल्ली-मेरठ-मुजफ्फरनगर से आने वाले श्रद्धालुओं को सामान्य स्थिति में नारसन, मंगलौर, गुरुकुल कांगड़ी और शंकराचार्य चौक होते हुए शहर में प्रवेश दिया जाएगा। वहीं यातायात का दबाव बढ़ने पर वाहनों को नगला इमरती से डायवर्ट कर लक्सर, जगजीतपुर होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग में भेजा जाएगा।

देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहनों के लिए नेपाली फार्म-रायवाला-हरिद्वार मार्ग निर्धारित किया गया है। इन वाहनों की पार्किंग लालजीवाला, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू क्षेत्र में की जाएगी। वहीं नजीबाबाद और मुरादाबाद से आने वाले छोटे व बड़े वाहनों के लिए भी अलग-अलग मार्ग और पार्किंग व्यवस्था तय की गई है।

चारधाम यात्रा से लौटने वाले वाहनों के लिए भी विशेष प्रबंधन किया गया है। देहरादून-ऋषिकेश से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को चंडी चौक से एनएच-344 मार्ग से भेजा जाएगा, जबकि नजीबाबाद की ओर जाने वाले वाहनों को श्यामपुर मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा। चीला मार्ग को केवल निकासी मार्ग के रूप में उपयोग किया जाएगा।

पुलिस ने ऑटो, विक्रम और टैक्सी संचालन के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ट्रैफिक दबाव बढ़ने की स्थिति में इन वाहनों को सीमित क्षेत्र तक ही संचालित किया जाएगा तथा निर्धारित स्थानों से ही यात्रियों को बैठाने और उतारने की अनुमति होगी। ललतारा पुल से शिवमूर्ति तक सभी प्रकार के ऑटो, विक्रम और टैक्सी संचालन पर अस्थायी प्रतिबंध रहेगा।

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