अमरोहा , अप्रैल 27 -- उत्तर प्रदेश के बदलते आर्थिक परिदृश्य में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित औद्योगिक ग्रीन कॉरिडोर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है। यह परियोजना अमरोहा सहित पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला गंगा एक्सप्रेसवे 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरदोई से औपचारिक रूप से प्रारंभ किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से 12 घंटे का सफर लगभग आधे समय में पूरा किया जा सकेगा। साथ ही अमरोहा को नोएडा की तर्ज पर एक नए औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत अमरोहा जिले के 2467 किसानों के बैंक खातों में 236.19 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि हस्तांतरित की गई है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है और स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ी है। जननायक जयपाल सिंह 'बाबूजी' के क्षेत्र हसनपुर तहसील के मंगरौला गांव के समीप 140.64 हेक्टेयर भूमि पर एक विशाल औद्योगिक ग्रीन गलियारा विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए 65 प्रतिशत से अधिक भूमि की खरीद पूरी हो चुकी है। यहां नई औद्योगिक इकाइयों, आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क और होटल आदि के विकास की संभावना है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और दिल्ली-एनसीआर की ओर पलायन में कमी आ सकती है।
अमरोहा के 25 गांवों से गुजरने वाला 23.60 किलोमीटर का यह मार्ग किसानों और व्यापारियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है। मंगरौला में इंटरचेंज बनाए जाने से स्थानीय लोगों को एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने की सुविधा मिलेगी। इससे कृषि उत्पादों को बड़ी मंडियों तक कम समय और कम लागत में पहुंचाया जा सकेगा, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन ने गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित और निर्बाध यातायात के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। कारों के लिए अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तथा बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। सुरक्षा कारणों से दोपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि अमरोहा के लिए एक आर्थिक गलियारा है। 236 करोड़ रुपये के मुआवजे और 140 हेक्टेयर के औद्योगिक हब से जिले की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और आने वाले वर्षों में अमरोहा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में शामिल हो सकता है।
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