अमरोहा , मई 22 -- गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से इस बार गंगा दशहरा के पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं को जाम के झाम में मुक्ति मिलेगी वहीं रूट डायवर्जन के कारण होने वाली भारी परेशानी से भी बड़ी राहत मिलेगी।

श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें अब 100 किलोमीटर से ज्यादा लंबे चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आमतौर पर ज्येष्ठ गंगा दशहरा के अवसर पर दिल्ली-लखनऊ हाईवे स्थित ब्रजघाट और अन्य प्रमुख घाटों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ के कारण प्रशासन को बड़े पैमाने पर रूट डायवर्जन लागू करना पड़ता था। वाहनों का प्रवेश बंद होने के कारण यात्रियों को घंटों जाम में जूझना पड़ता था, लेकिन इस बार गंगा एक्सप्रेसवे के विकल्प से वाहन धड़ल्ले से अपना सफर पूरा कर सकेंगे। इससे प्रयागराज और लखनऊ का सफर सुगम होने के साथ-साथ मेरठ-अलीगढ़ और मुरादाबाद-बरेली मंडलों के बीच आवागमन करने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि धार्मिक दृष्टि से वर्ष 2026 में गंगा दशहरा का पावन पर्व 25 मई, सोमवार को मनाया जाएगा। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को माँ गंगा के स्वर्ग से धरती पर अवतरण के उपलक्ष्य में यह पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार दशमी तिथि 25 मई को सुबह 04:30 बजे प्रारंभ होकर 26 मई को सुबह 05:10 बजे तक रहेगी, अतः उदया तिथि की मान्यता के अनुसार स्नान-दान का महापर्व 25 मई को ही संपन्न होगा।

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