श्रीगंगानगर , मई 26 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के करीब आधे क्षेत्र को सिंचित और जल आपूर्ति करने वाली गंगनहर में पंजाब क्षेत्र में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा मरी हुई मुर्गियां और मुर्गे बहाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीगंगानगर में जल संसाधन विभाग में सहायक अभियंता विजयकुमार मेघवाल द्वारा दी गयी रिपोर्ट के आधार पर सीमावर्ती हिंदूमलकोट थाना में यह मामला कल देर रात दर्ज किया गया, जिसकी जांच हवलदार खेतपाल को दी गयी है।

गत 19 और 20 मई को अज्ञात व्यक्तियों ने पंजाब क्षेत्र में बड़ी संख्या में मरी हुई मुर्गियां और मुर्गे गंगनहर में डाल दिये थे, जो पानी के साथ बहते हुए श्रीगंगानगर जिले में पहुंच गये। इस पर किसान संगठनों ने बड़ी चिंता व्यक्त करते ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

सूत्रों ने बताया कि श्रीगंगानगर जिला प्रशासन ने इस संबंध में पंजाब की मुक्तसर जिले के अधिकारियों से बातचीत की। उनको पत्र भी लिखा, लेकिन उन व्यक्तियों का पता नहीं लगा, जिन्होंने यह हरकत की। सोमवार को श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर डॉ अमित यादव ने जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता धीरज चावला को ममला दर्ज करवाने के निर्देश दिये थे।

श्री चावला ने बताया कि हिंदूमलकोट थाना में इसलिए मामला दर्ज करवाया गया है, क्योंकि इस नहर का राजस्थान पंजाब सीमा पर खखां है, इसी थाना क्षेत्र में आता है। यहीं से इस शहर का पानी राजस्थान में प्रवेश करता है। अब पुलिस पता लगाने का प्रयास करेगी कि यह हरकत किन लोगों ने की, जिससे नहर का पानी खराब हुआ और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया गया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित