जालंधर , फरवरी 23 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं भोलाथ से विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा आलोचना और लोकतांत्रिक असहमति की आवाजों को दबाने के लिए शुरू की गयी 'बुलडोजर (पीला-पंजा) राजनीति' की कड़ी निंदा की।

आज की घटना का जिक्र करते हुए श्री खैरा ने कहा कि उनके पैतृक गांव में स्थित उनके वैध पुश्तैनी घर का एक हिस्सा, जहां उनका परिवार 200 से अधिक वर्षों से रह रहा था, जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल का प्रयोग करते हुए अवैध रूप से ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विध्वंस करने से पहले उन्हें न तो कोई पूर्व सूचना दी गयी और न ही सुनवाई का अवसर दिया गया। इसके बजाय, मुख्यमंत्री भगवंत मान के अवैध और राजनीतिक रूप से प्रेरित आदेशों पर कार्रवाई करते हुए, कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने व्यक्तिगत रूप से पुलिस बल का प्रयोग करते हुए विध्वंस अभियान की निगरानी की।उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके पास स्वामित्व के सभी दस्तावेजी रिकॉर्ड मौजूद हैं और उन्होंने दावा किया कि उनकी गांव की संपत्ति का एक इंच भी अवैध या अनाधिकृत नहीं है।

श्री खैरा ने कहा कि श्री मान ने पंजाब को एक पुलिस राज्य में बदल दिया है, यह तथ्य हाल के घटनाक्रमों से स्पष्ट है, जिनमें कथित फर्जी मुठभेड़ें, गरीब लोगों के घरों को गैंगस्टर या ड्रग तस्कर होने के बहाने ध्वस्त करना और राजनीतिक प्रतिशोध के लिए पुलिस तंत्र का बढ़ता दुरुपयोग शामिल है। उन्होंने बठिंडा की पुलिस अधीक्षक ज्योति यादव से जुड़ी हालिया घटना की ओर इशारा किया, जिसमें उन पर बीकेयू (उग्राहन) से जुड़े किसान चरणजीत सिंह के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार करने का आरोप है, और इसे राज्य में प्रचलित पुलिस राज का एक और ज्वलंत उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि उन्हें बार-बार झूठे आपराधिक मामलों, गिरफ्तारियों और कारावास के माध्यम से निशाना बनाया गया है, केवल इसलिए कि वह आम आदमी सरकार की जनविरोधी नीतियों और विफलताओं के मुखर आलोचक हैं।

कानूनी कार्रवाई की घोषणा करते हुए श्री खैरा ने कहा कि वे जल्द ही अपनी वैध संपत्ति के अवैध विध्वंस के खिलाफ पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। उन्होंने मामले को अंतिम निष्कर्ष तक ले जाने और यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि इस गैरकानूनी और राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई के लिए जिम्मेदार सभी दोषी पुलिस और सिविल अधिकारियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए और कानून की उचित प्रक्रिया के तहत दंडित किया जाये।

श्री खैरा ने चेतावनी दी कि पंजाब की जनता लोकतांत्रिक विपक्ष और असहमति को कुचलने के लिए राज्य मशीनरी, धमकी और बुलडोजर की राजनीति के इस्तेमाल को बर्दाश्त नहीं करेगी।

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