रायपुर/खैरागढ़ , मई 23 -- छत्तीसगढ़ शासन ने खैरागढ़ स्थित देश के प्रतिष्ठित कला एवं संगीत शिक्षण संस्थान इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय का नाम बदलकर "राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय" किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 21 मई को जारी स्वीकृति के बाद नाम परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है,जिसकी सूचना आज विभाग ने दी।
आज मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन का सुझाव राज्यपाल एवं कुलाधिपति की ओर से दिया गया था। इसके बाद कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी कर प्रस्ताव शासन को भेजा। प्रशासनिक परीक्षण और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य शासन ने इसे स्वीकृति प्रदान कर दी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस निर्णय को खैरागढ़ राजपरिवार की ऐतिहासिक भूमिका और सांस्कृतिक योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। प्रशासन के अनुसार लंबे समय से विश्वविद्यालय के नाम में "इंदिरा" शब्द को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी, जबकि संस्थान की स्थापना और उसकी विरासत खैरागढ़ राजपरिवार से जुड़ी रही है। नए नाम के माध्यम से अब उस ऐतिहासिक पहचान को स्पष्ट रूप से सामने लाने का प्रयास किया गया है।
कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा ने शासन और राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, "यह फैसला विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान देगा।" उन्होंने बताया कि नाम परिवर्तन की प्रक्रिया के दौरान कई आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, जिन्हें सीमित समय में संकलित कर शासन को भेजा गया। इस कार्य में विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. मंगलानंद झा का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
उधर, खैरागढ़ राजपरिवार ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। राजा आर्यव्रत सिंह और राजकुमारी शताक्षी सिंह ने इसे पूर्वजों की विरासत, दानशीलता और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान देने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया है।
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