अलवर , सितम्बर 19 -- राजस्थान में खैरथल नगर परिषद बोर्ड गठन से पहले खैरथल में राजनीतिक खींचतान के बीच अब व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है।
पुलिस-प्रशासन की कथित दमन कार्रवाई, दबाव और व्यापारियों को डराने-धमकाने के आरोपों के विरोध में शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने शनिवार से अनिश्चितकालीन बाजार बंद का ऐलान कर दिया है।
वहीं कृषि उपज मंडी के व्यापारियों ने भी बैठक करके 19 से 21 सितंबर तक मंडी पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया है। बाजार और मंडी बंद होने से शहर में व्यापारिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ा है।
व्यापारियों का आरोप है कि नगर परिषद बोर्ड गठन से पहले पुलिस और प्रशासन की ओर से व्यापारियों, निर्वाचित पार्षदों और उनके परिवारों पर कथित रूप से दबाव बनाया जा रहा है। व्यापारियों के मुताबिक दुकानों और घरों पर दबिश, लोगों की तलाश और लगातार पुलिस गश्त से भय का माहौल बना हुआ है। व्यापारियों ने कहा कि चुनाव के दौरान इस तरह की कार्रवाई और दबाव की स्थिति पहले देखने को नहीं मिली।
अनिश्चितकालीन बाजार बंद के फैसले में फल-सब्जी मंडी यूनियन, किराना यूनियन, जनरल मर्चेंट, इलेक्ट्रिक यूनियन, मोबाइल यूनियन, रेडीमेड यूनियन, चूड़ी मार्केट यूनियन, फुटवियर यूनियन, हार्डवेयर मशीनरी यूनियन सहित कई व्यापारिक संगठन शामिल हैं। संगठनों ने संयुक्त रूप से बाजार बंद रखने की सूचना संयुक्त व्यापार महासंघ को भी दी है।
व्यापारियों का कहना है कि यह बंद किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि विभिन्न व्यापारिक संगठनों की सामूहिक नाराजगी का परिणाम है। उनका कहना है कि जब तक कथित पुलिस दबाव और कार्रवाई के मुद्दे का उचित समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखने पर विचार किया जायेगा।
कृषि उपज मंडी व्यापार समिति की बैठक में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों से चर्चा के बाद मंडी बंद रखने का फैसला लिया गया। व्यापार समिति के सचिव ने बताया कि 19 सितंबर से 21 सितंबर तक मंडी की सभी गतिविधियां बंद रहेंगी। व्यापारियों ने किसानों से भी आग्रह किया है कि बंद के दौरान अपनी कृषि जिंस मंडी में लेकर नहीं आयें।
व्यापारी सतीश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन की ओर से व्यापारियों पर बेवजह दबाव बनाया जा रहा है। उनके अनुसार दुकानों और घरों पर लगातार दबिश दी जा रही है और निर्वाचित उम्मीदवारों और व्यापारियों की तलाश के नाम पर कार्रवाई की जा रही है। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्राथमिकियों और पुलिस कार्रवाई के चलते भय का माहौल बना हुआ है।
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