नयी दिल्ली , अगस्त 12 -- खेल मंत्रालय ने कामकाज से जुड़ी कमियों और तय समय के अंदर चुनाव न कराने के कारण बुधवार को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीटीएफआई) की मान्यता निलंबित कर दी। इसी के साथ मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को टेबल टेनिस के कामकाज की देखरेख के लिए एक एड-हॉक कमेटी बनाने का निर्देश भी दिया है।

मंत्रालय की ओर यह फैसला टीटीएफआई की ओर से पहले जारी किए गए 'कारण बताओ नोटिस' पर मिले "असंतोषजनक जवाब" के बाद लिया गया।

मंत्रालय के आदेश में कहा गया है, "आईओए, अंतरराष्ट्रीय निकाय (आईटीटीएफ) के साथ सलाह-मशविरा करके एक इंटरनल रेगुलेटरी मैकेनिज्म (आंतरिक नियमन व्यवस्था) बनाने के लिए उचित कदम उठाएगा, जिसमें एक एड-हॉक कमेटी का गठन भी शामिल है। यह व्यवस्था तब तक बनी रहेगी जब तक टीटीएफआई में सही तरीके से कामकाज का ढांचा बहाल नहीं हो जाता। यह ताजा कार्रवाई नेशनल फेडरेशन से जुड़े विवादों की कड़ी में एक और घटना है।"यह फेडरेशन इस साल की शुरुआत में एशियाई खेलों के लिए अपनी सिलेक्शन प्रोसेस को लेकर जांच के दायरे में आया था। जून में, भारत की प्रमुख पैडलर मनिका बत्रा ने आरोप लगाया था कि टीटीएफआई ने आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए टीम चुनते समय अपने ही संविधान का उल्लंघन किया है। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले हैं। फेडरेशन द्वारा खेलों के लिए 10 सदस्यों की टीम की घोषणा के बाद उन्हें रिजर्व खिलाड़ियों में रखा गया था। इसके बाद 31 वर्षीय खिलाड़ी ने चयन प्रक्रिया के तरीके पर सवाल उठाए थे।

मनिका के अनुसार, टीटीएफआई ने उनसे कहा था कि टीम का चयन प्रक्रिया 'पूरी तरह से नियमों के अनुसार' किया गया था। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि उनके पास मौजूद दस्तावेजों से पता चलता है कि नौ सदस्यीय चयन समिति ने एशियाई खेलों की टीम को अंतिम रूप दिया था।

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