सोनीपत , मार्च 25 -- सोनीपत स्थित हरियाणा खेल विश्वविद्यालय ने बंसी लाल सभागार में मणिपाल अस्पताल, द्वारका के सहयोग से खेल चोट प्रबंधन पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य खिलाड़ियों और छात्रों को खेल चोटों की रोकथाम, पहचान और प्रभावी उपचार के प्रति जागरूक करना था।
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. योगेश चंद्र ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें छात्रों की शारीरिक फिटनेस और खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित हुआ। पहले चरण में खेल चोटों के प्रकार, उनके कारण और बचाव पर सैद्धांतिक जानकारी दी गई। दूसरे चरण में व्यावहारिक और संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए, जहां विशेषज्ञों ने छात्रों की समस्याओं का समाधान किया और उनके सवालों के जवाब दिए।
मणिपाल अस्पताल के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। डॉ. गौरव रस्तोगी ने आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीकों की जानकारी दी। डॉ. नम्रता डबास ने प्रस्तुतियों के माध्यम से चोटों की शारीरिक प्रक्रिया और रिकवरी के तरीकों को समझाया। डॉ. निखिल कपूर ने दर्द प्रबंधन और शीघ्र पुनर्प्राप्ति के उपायों पर चर्चा की।
इस अवसर पर विपणन प्रमुख नवीन ठकरन और नितिन यादव भी मौजूद रहे। कार्यशाला में संकाय सदस्य और कर्मचारी भी शामिल हुए। कार्यक्रम का समापन छात्रों की सक्रिय भागीदारी और विशेषज्ञों के साथ संवाद के साथ हुआ।
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