जम्मू , जुलाई 29 -- जम्मू-कश्मीर में खेल कोटा भर्ती विवाद को लेकर प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को समर्थन देते हुए शिवसेना (यूबीटी) की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर खिलाड़ियों की मांगों पर विचार करने तथा केंद्रशासित प्रदेश की खेल नीति में व्यापक सुधार करने की मांग की है।

प्रदेश अध्यक्ष मनीष साहनी के नेतृत्व में शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने "वार अगेंस्ट स्पोर्ट्स माफिया" के बैनर तले चल रहे धरना स्थल का दौरा किया और आंदोलनरत खिलाड़ियों के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री साहनी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के लिए पदक जीतकर तिरंगे का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को आज न्याय और रोजगार की मांग के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि खेल कोटा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी, वास्तविक पदक विजेताओं की उपेक्षा तथा मौजूदा खेल नीति की खामियों को खिलाड़ियों के साथ सम्मानजनक संवाद के माध्यम से तत्काल दूर किया जाना चाहिए। श्री साहनी ने जम्मू-कश्मीर की खेल नीति की व्यापक समीक्षा की मांग करते हुए कहा कि इसे केरल, कर्नाटक और हरियाणा जैसे राज्यों की पारदर्शी एवं खिलाड़ी-केंद्रित नीतियों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, राष्ट्रीय खेल और अन्य मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं के लिए स्पष्ट श्रेणियां निर्धारित करने की भी मांग की, ताकि खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के आधार पर निष्पक्ष और समान अवसर मिल सकें। श्री साहनी ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की प्रत्यक्ष भर्ती की पूर्व व्यवस्था को बहाल करने की मांग भी की।

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