नयी दिल्ली , अक्टूबर 28 -- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2026 से 2033-34 तक के लिए 1,856.67 करोड़ रुपये की लागत से 'खेलो इंडिया खेल सामान विनिर्माण योजना' को मंजूरी दी है जिसका उद्देश्य देश में खेलों के सामान के निर्माण, तकनीक, शोध, नवाचार और निर्यात को बढ़ावा देना तथा वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति मजबूत करना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को ही केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशा के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।

बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस योजना के तहत खेल सामान विनिर्माण क्षेत्र विकसित किये जायेंगे, जहां निर्माता, आपूर्तिकर्ता, जांच केंद्र और डिजाइन सुविधाएं एक साथ उपलब्ध होंगी। घरेलू और विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा। इसके लिए उत्पादन बढ़ाने और निर्माण क्षमता के विस्तार से जुड़ी सहायता पर 1,130 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे।

उन्होंने कहा कि योजना में छोटे और मझोले उद्योगों के मौजूदा निर्माण केंद्रों के उन्नयन, साझा सुविधाओं के विकास और अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों से गुणवत्ता प्रमाणन के लिए भी सहायता का प्रावधान है। प्रमाणन के लिए 105 करोड़ रुपये निर्धारित किये गये हैं। इसके अलावा, खेल उपकरणों, नयी सामग्रियों और आधुनिक निर्माण तकनीकों पर शोध को बढ़ावा दिया जायेगा। स्टार्टअप, कौशल विकास और भारतीय खेल सामान की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।

श्री वैष्णव ने कहा कि योजना से घरेलू निर्माण क्षमता मजबूत करने, आयात पर निर्भरता घटाने, निवेश और रोजगार बढ़ाने तथा भारतीय खेल सामान के निर्यात को प्रोत्साहन देने में मदद मिलेगी।

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