बैतूल , अगस्त 23 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के मुलताई में फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत में विद्युत करंट बिछाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने दोषी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी विद्यानंद वाघमारे पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। खेत में बिछाए गए करंट की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई थी।

सरकारी वकील राजेश सबले ने बताया कि घटना 30 सितंबर 2024 की है। ग्राम खड़की निवासी विद्यानंद वाघमारे ने मुलताई क्षेत्र के उमरी नाला स्थित अपने खेत में फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए विद्युत करंट प्रवाहित कर रखा था। इसी दौरान सातनूर निवासी 17 वर्षीय सौरभ खेत में पहुंच गया और करंट की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

अभियोजन के अनुसार किशोर की मौत के बाद आरोपी घबरा गया और घटना छिपाने के उद्देश्य से सौरभ के शव को उठाकर पास के दूसरे व्यक्ति के खेत में फेंक दिया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। इसके बाद आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना पूरी करते हुए न्यायालय में चालान पेश किया गया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने खेत में करंट बिछाने, किशोर की करंट की चपेट में आने से मौत तथा शव को दूसरे खेत में ले जाकर फेंकने से संबंधित साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की दलीलों के आधार पर अदालत ने विद्यानंद वाघमारे को दोषी माना।

अदालत ने शनिवार को आरोपी को तीन वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 11 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले ने खेतों में फसलों की सुरक्षा के लिए अवैध रूप से विद्युत करंट प्रवाहित करने के गंभीर खतरे को भी उजागर किया है। ऐसे विद्युत तार वन्यजीवों और पशुओं के साथ ग्रामीणों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।

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