बैतूल , अगस्त 14 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में खेत की सुरक्षा के लिए चारों ओर करंट प्रवाहित कर जंगली सूअर का शिकार करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को छह माह के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला करीब चार वर्ष पुराना है।

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार घटना 17 अप्रैल 2022 को सारणी थाना क्षेत्र के ग्राम धसेड़ में हुई थी। गांव निवासी राकेश पिता जद्दू उइके ने अपने खेत के चारों ओर बिजली का करंट प्रवाहित कर रखा था। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से एक जंगली सूअर की मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने मृत जंगली सूअर का पंचनामा तैयार कर शव को जब्त किया। प्रारंभिक जांच और पूछताछ के दौरान राकेश द्वारा खेत के चारों ओर करंट प्रवाहित किए जाने की बात सामने आई।

वन विभाग ने मामले में वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ परिवाद पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और वन विभाग की जांच के आधार पर राकेश को जंगली सूअर के अवैध शिकार का दोषी माना। न्यायालय ने आरोपी को छह माह के कारावास के साथ पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खेतों में फसल की सुरक्षा के नाम पर खुले बिजली के तारों में करंट प्रवाहित करना वन्यजीवों के लिए घातक है। ऐसे मामलों में वन्यजीवों की मौत के साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाती है।

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