पटना , अक्टूबर 30 -- बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश में मिट्टी के संरक्षण के लिए जन भागीदारी आवश्यक है और भविष्य में खेत बचेंगे, तभी जीवन बचेगा और किसान समृद्ध होंगे।
कृषि मंत्री ने कहा कि खेतों की उर्वरता और मिट्टी के प्राकृतिक स्वास्थ्य के संरक्षण के लिए शुरू किए गए 'खेत बचाओ अभियान' को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की जरूरत है। इसके लिए किसानों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है।
श्री सिन्हा ने आज पटना के ज्ञान भवन में आयोजित 'खेत बचाओ अभियान सह कृषि जनकल्याण संवाद' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 22 अक्टूबर से देशव्यापी 'खेत बचाओ अभियान' शुरू किया गया है। बिहार में इस अभियान का शुभारंभ मुजफ्फरपुर से हुआ और अब इसे गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। अभियान 30 नवंबर 2026 तक संचालित होगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता और प्राकृतिक स्वास्थ्य को बचाते हुए खेती को टिकाऊ, लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाना है। इसके तहत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इससे खेती की लागत कम करने और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बीजों की गुणवत्ता और किसानों के हितों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। बीजों की आपूर्ति एवं वितरण में अनियमितता या लापरवाही मिलने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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