आगरा , जनवरी 25 -- राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा है कि खेती-किसानी को कौशल विकास से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि किसानों के बेटे शहरों में मजदूरी करने के बजाय अपने गांव में ही स्वरोजगार स्थापित कर सकें।
रविवार को आगरा के गांव तेहरा, ग्वालियर रोड पर आयोजित 'भूमि पुत्र सभा' को संबोधित करते हुये श्री दुबे ने कहा कि आगरा के आलू किसानों को आधुनिक तकनीकों के साथ वैकल्पिक फसलों की खेती की ओर भी ध्यान देना चाहिए, जिससे युवा किसानों को बेहतर उत्पादन और आय प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा दिए गए सुझावों को वह दिल्ली और लखनऊ में पार्टी के मंच पर प्रमुखता से उठाएंगे।
राष्ट्रीय लोकदल के जिला संगठन द्वारा आयोजित इस सभा में अनिल दुबे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष बृजेश चाहर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष पं. गोविंद शर्मा ने की।
श्री चाहर ने कहा कि कौशल विकास योजनाओं से युवाओं को प्रोत्साहन मिल रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। जिला अध्यक्ष पं. गोविंद शर्मा ने बताया कि किसानों द्वारा तैयार किया गया सुझाव पत्र मुख्य अतिथि अनिल दुबे को सौंपा गया है, जिसमें आगरा देहात में एक बड़े कौशल विकास केंद्र की स्थापना की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा और वे अपने क्षेत्र में ही स्वरोजगार विकसित कर सकेंगे।
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