जयपुर , मई 19 -- राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने लू प्रबन्धन के साथ ही अस्पतालों में गर्मियों को लेकर मरीजों के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हें।
श्री खींवसर ने मंगलवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने भीषण गर्मी के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में छाया-पानी के समुचित प्रबंध के साथ उपाचर में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए।
इस दौरान उन्होंने हीटवेव, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, बजट घोषणा की अनुपालना, एचपीवी वैक्सीन की प्रगति सहित विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि राज्य स्तर से बनाए गए नोडल अधिकारियों के माध्यम से निरीक्षण कर अस्पतालों में हीटवेव से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गयी है।
सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों को हीट-स्ट्रोक के लिए अलग से बेड आरक्षित करने, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आपातकालीन कूलिंग उपकरणों एवं किट्स की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्देश दिए हैं कि मरीजों और परिजनों के लिए शीतल पेयजल, प्रतीक्षालयों में छाया एवं कूलिंग सुविधाओं के पूर्ण इंतजाम हों।
श्री खींवसर ने कहा कि तेजी से बढ़ती गर्मी एवं लू का व्यापक और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए अस्पतालों में हीट स्ट्रोक संबंधी बीमारियों के उपचार के प्रोटोकॉल की जानकारी वाले स्टाफ को तैनात रखा जा रहा है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं वृद्धजनों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग ने विगत समय में रिकॉर्ड भर्तियां कर सुदूर एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में भी समुचित स्टाफ उपलब्ध कराया है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हुई हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संस्थान प्रभारी राज हेल्थ पोर्टल पर रिक्त पदों की सूचना प्राथमिकता के साथ अपडेट करें, ताकि आवश्यकता के अनुसार कार्मिकों का तुरंत प्रभाव से नियोजन किया जा सके और मानव संसाधन का सही उपयोग संभव हो।
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