पटना , जून 24 -- ाज्य के विभिन्न जिलों में खास महल की भूमि पर वर्षों से रहने वाले लोगों को शीघ्र ही उनका मालिकाना हक मिलेगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता कहा कि सासाराम, पूर्णिया, कटिहार सहित अन्य जिलों में खास महल की भूमि पर 60-70 वर्ष से रहने वाले लोगों को आजतक उन्हें मालिकाना हक नहीं मिला है। इसको देखते हुए विभाग द्वारा 15 अगस्त के बाद लोगों से बात किया जाएगा। उस भूमि को देने के लिए बाजार मूल्य का कितना फीसदी राशि उनसे ली जाए इसकी भी चर्चा की जाएगी। उसके बाद उस भूमि को फ्री होल्ड कर दिया जाएगा। राज्य सरकार यह क्रांतिकारी फैसला लेने जा रही है।

मंत्री ने विभाग के उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भूमि प्रबंधन एवं राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में विभिन्न सेवाओं, योजनाओं एवं प्रक्रियाओं में व्यापक एवं क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं। इन सुधारों के परिणामस्वरूप भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार, विशेष सर्वेक्षण, भूमि विवादों के त्वरित निपटारे और भूमिहीन परिवारों के पुनर्वास जैसे क्षेत्रों में प्रगति दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में राज्य की 28 केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय विकास योजनाओं के लिए 1380.59 एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध करायी गई है। इससे शिक्षा, सड़क, ऊर्जा, सुरक्षा, खेल पर्यटन और औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी आएगी।

श्री जायसवाल ने बताया कि सरकारी भूमि हस्तांतरण के अतिरिक्त महत्वपूर्ण परियोजना के लिये भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है, जिसके अंतर्गत भू-अर्जन की परियोजनाओं के लिए 45748 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत सरकार और राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए विभिन्न विभागों से प्राप्त अधियाचना के आलोक में भू-अर्जन की कार्रवाई की जा रही है, जिसमें उद्योग विभाग, एनएच, एनएचआई, मोर्थ (एक्सप्रेसवे सहित), रेलवे और पथ निर्माण, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), गया, दरभंगा और पूर्णिया में हवाई अड़डा निर्माण से संबंधित परियोजना, जल संसाधन विभाग की परियोजनाएं, व्यवहार न्यायालय (मधुबनी, कटिहार, सुपौल इत्यादि) से संबंधित परियोजनाएं और स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग की परियोजनाएं शामिल हैं।

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