विदिशा , मई 13 -- मध्यप्रदेश के कृषि प्रधान विदिशा जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है कि अब यूरिया के लिए उन्हें बार-बार लाइनों में नहीं लगना होगा और न ही खाद की कमी को लेकर प्रदर्शन करने की आवश्यकता पड़ेगी।
शासन ने उर्वरक वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए 50 प्रतिशत की जरूरत वाली पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब किसान ई-पोर्टल के माध्यम से अपनी जरूरत का शत-प्रतिशत खाद एक बार में ही उठा सकेंगे।
जिला कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खाद वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल किया गया है। किसान अपनी जमीन और फसल के अनुसार ई-टोकन प्राप्त करेंगे। व्यवस्था की खास बात यह है कि निर्धारित कोटा लेने के बाद भी आवश्यकता पड़ने पर किसान दो बार और खाद प्राप्त कर सकेंगे। इससे सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं के यहां लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है।
जिला कृषि विभाग के उपसंचालक ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में उतनी ही खाद का उपयोग करें, जितनी जमीन की आवश्यकता हो। अधिक खाद मिट्टी की उर्वरा शक्ति को नुकसान पहुंचा सकती है। किसानों को मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही खाद का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
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