नयी दिल्ली , मार्च 18 -- केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को लोक सभा में कहा कि सरकार ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों की आजीविका बढ़ाने और जनता को पोषक आहार मिले, इसके लिए लक्ष्य निर्धारित किये हैं।

श्री चौहान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से संबंधित वर्ष 2026.27 के लिए अनुदान मांगों पर सदन में हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। सदन ने अनुदान मांगों पर प्रस्तुत कटौती प्रस्तावों को ध्वनिमत से अस्वीकृत करने के बाद अनुदान मांगों को स्वीकृत प्रदान कर दी है।

इससे पहले अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए श्री चौहान ने कहा कि आज विभाग का बजट बढ़कर एक लाख 30 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन लक्ष्य निर्धारित किये हैं, उनमें देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, किसान की आजीविका बढ़ाना और जनता को पोषक आहार मिले, इसके लिए गंभीरता से प्रयास करना है। इसके लिए रोडमैप भी तैयार किया गया है। इनमें फसलों का उत्पादन बढ़ाना और बागवानी का रिकॉर्ड उत्पादन करना है। उन्होंने कहा कि धान, गेंहू, मक्का, मूंगफली का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है। देश चीन को पछाड़ कर दुनिया में चावल उत्पादन में प्रथम स्थान पर आ गया है। दलहन में 33 प्रतिशत और तिलहन में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठाये गये हैं। फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है। उत्पादन लागत कम करने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए पीएम किसान सम्मान निधि के तहत चार लाख 27 हजार करोड़ रुपये दिये गये हैं। उर्वरक सब्सिडी बढ़ायी गयी है। किसान क्रेडिट कार्ड में महत्वपूर्ण सुधार किये गये हैं। कृषि उपकरणों पर वस्तु एवं सेवा कर दर घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गयी है। फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागत से 50 प्रतिशत अधिक पर तय की जा रही है।

फलों और सब्जियों के दाम घट जाने पर किसानों को बड़े शहरों में अपने ये उत्पाद ले जाने पर लगने वाला परिवहन खर्च सरकार ने वहन करने का निर्णय लिया है। श्री चौहान ने कहा कि अधिक उत्पादन वाली किस्में तैयार की जायें, इसके लिए अनुसंधान कार्य तेजी से चल रहे हैं। फसल विविधीकरण के कार्य भी किये जा रहे हैं।

उन्होंने पंजाब का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की राज्य सरकार ने फसल बीमा योजना लागू नहीं की है, जिससे राज्य के किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस योजना से किसानों को बहुत लाभ मिल रहा है। बीमा की राशि किसानों को देने में देरी करने पर कंपनियों को 12 प्रतिशत ब्याज देना पड़ेगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से कृषि भूमि को हो रहे नुकसान के मद्देनजर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 18 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है। ये किसान अपनी एक एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती करेंगे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन घटता नहीं हैं बल्कि बढ़ता है। उन्होंने कहा कि किसी योजना में पीएम का नाम लगने पर कई राज्य उसे लागू नहीं करते, वह इन राज्यों से आग्रह करते हैं कि योजनाओं को लागू करने में राजनीति न की जायें, जनता के हित में योजनायें लागू करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि नकली और मिलावटी कीटनाशकों को रोकने के लिए नया पेस्टीसाइड एक्ट लायेंगे। सीड एक्ट भी लाया जायेगा।

श्री चौहान ने कहा कि सिंचाई सुविधायें बढ़ाने के लिए नदी जोड़ो योजना पूरे देश में लागू की जा रही है। राज्यों का भी कृषि रोड मैप बनायेंगे। किसानों की सुविधा के लिए फार्मर आईडी बनाने का काम चल रहा है। इससे उन्हें ऋण और योजनाओं का लाभ मिलने में सहूलियत होगी।

उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों से किये गये कृषि संबंधी समझौतों पर बेवजह उंगली न उठायी जाये, जितने कृषि समझौते किये गये हैं, वे किसानों के हितों में हैं। जो फसल हमारे देश में पैदा होती है, उसे आयात करने की अनुमति नहीं होगी।

श्री चौहान ने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और शक्तिशाली भारत बनाना है। उन्होंने अपने उद्बोधन का समापन प्रख्यात कवि दुष्यंत कुमार की गजल की पंक्ति " कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों" कहकर किया।

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