नैनीताल , अक्टूबर 15 -- उत्तराखंड के नैनीताल जिला प्रशासन ने जिले भर में खाद्य पदार्थों में मिलावट, अस्वच्छता और बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया है।

न्याय निर्णयन अधिकारी और अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नैनीताल विवेक राय ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत सुनवाई करते हुए 17 विभिन्न वादों में कुल 3,45,000 (तीन लाख पैंतालीस हजार) का जुर्माना लगाया है।

जांच में पाया गया था कि संबंधित फर्में बिना लाइसेंस/पंजीकरण, दूषित, अधोमानक, मिथ्याछाप, गंदी एवं अस्वच्छकर परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण एवं विक्रय कर जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर अवैध लाभ कमा रही हैं।

गुरुवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि दो सबसे बड़े मामलों में उधमसिंह नगर की कंपनी पर 1.5 लाख का जुर्माना लगाया गया है। पंतनगर स्थित एस.एम. फूड्स प्रा.लि. पर दो मामलों में 75-75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। कंपनी पर जाजू ब्रांड नाम से मिथ्याछाप हल्दी और धनिया बनाने और बेचने का आरोप सिद्ध हुआ।

इसी के साथ ही राकेश चंद्र मिश्रा, मनु महारानी होटल्स लि., मल्लीताल नैनीताल पर कालातीत खाद्य सामग्री रखने के मामले में 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही सरताज अली, ग्राम मडकिया, जसपुर, उधमसिंह नगर पर अधोमानक दूध के संग्रहण एवं विक्रय पर भी 30000-30,000 का जुर्माना लगाया गया है।

इनके अलावा हल्द्वानी के योगेश सनवाल, मेसर्स हरीश महाराज (कैंटीन/स्वामी) के.सी./भैष्ट स्थित मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, कैलाश चंद्र, मि. चाय एवं चाप, कुमाऊँछा, हल्द्वानी, फैजुद्दीन, इंद्रानगर हल्द्वानी व श्री सिराज अहमद, न्यू बाम्बे बेकरी हल्द्वानी पर भी जुर्माना लगाया गया है।

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